Holiday At Grandparents House


इस दुनिया मे जब हम आते है । कई सारे रिश्तो से जुड जाते है । इन्ही सब रिश्तो मे एक रिश्ता होता है । दादा-दादी और नाना-नानी का और अगर सच कहू तो ये एक ऐसा रिश्ता है जहा शायद हमे सबसे ज्यादा प्यार मिलता है । चाहे आप इस दुनिया के छुट्टीया मनाने कही भी चले जाये परंतु गर्मियो की छुट्टीयो मे दादा-दादी और नाना-नानी के घर जाना सबसे बेहतर समर होलिडे होगा । हर कोई अपने दादा-दादी और नाना-नानी के साथ समय बिताना चाहता है ।


 
जब हम छोटे थे तब शायद इतना हम ये नही सोचते के हम अपने माता-पिता के माता-पिता के साथ समय कैसे बिताना चाहते है । फिर जब नौकरी लगती है और ज्यादा वक्त जीवन की आप-धापी मे जाता रहा  । तब इस बात के बारे मे सोचते है के अगर मौका मिले या ये कहे के काश छुट्टीया मिले तो कुछ वक्त उनके साथ गुज़ारे ।

 

एक दिन दादाजी-दादीजी के साथ


 
दादाजी-दादीजी के संग वक्त गुजारने का अपना ही मज़ा है । उस वक्त हमे जो किस्से कहानिया सुनने को मिलते है । वो शायद ही कही और सुनने को मिले । मैं अपने दादाजी के साथ अपने गाव “कैथूली” जाना चाहता हू । वहा जाकर उनके संग उन गलियो मे घुमना चाहता हू । जहा उन्होने अपने जीवन के कई साल बिताये है । दादाजी के खेत पर जाकर उनसे वहा  उगने वाली फसलो के बारे मे जानना चाहता हू । खेत मे पानी कैसे देते है और साथ ही कैसे आखिर पुराने वक्त मे यहा खेती हुआ करती है सब जानना चाहता हू ।



फिर उसके बाद हम कैथूली के ही पुराने मंदिर मे बैठेंगे और उस वक्त मुझे दादाजी गाव के कई लोगो से मिलवायेंगे । आप माने या ना माने जितने खुशी से गाव के लोग किसी से मिलते है जो आदर सत्कार वो लोग करते है । वो हम शहर वालो के लिये काफी मुश्किल है । दादाजी के संग दिन का वक्त बिताने के बाद फिर जब हम घर जाये तो दादीजी के हाथ के बने घी के पराठे और बेसन का स्वाद दुनिया के किसी भी होटल से बेहतर होगा । खाने के बाद फिर घर मे जो पेड लगा है उसकी छाव मे एक प्यारी सी नींद लेने का मज़ा भी बहुत आयेगा । गाव मे अक्सर जब भी कोई मेहमान आता है तो उसे आस-पडोस वाले अपने घर पर जरूर बुलाते है । दिन की इस नींद के बाद इसी का सिलसिला शुरु होगा । शाम के वक्त गाव की एक सैर और साथ ही चौपाल पर बैठकर दादाजी और बाकी बुजूर्गो की बाते और अनुभव इस दिन का अंत शानदार बना देंगा । रात मे ना तो पंखा ना ऐसी और ना बिस्तर की जरुरत लगेगी क्योंकी गोबर से लेप किये हुये फर्श की ठंडक इन सबसे बेहतर होगी । दादाजी तो अब इस दुनिया मे नही है परंतु मैं और दादीजी जब भी गाव जायेंगे दादाजी हमारे साथ हमारे दिल मे वही होंगे ।

Holiday At Grandparents House



एक दिन नानाजी-नानीजी के साथ


 
मेरे नानाजी और नानीजी दोनो ही शिक्षक थे । अब जब मैं शामगढ उनके घर जाता हू तो जो सुकून और चैन मिलता है  वो कही और ढूंढना मुश्किल है । नानाजी और नानीजी के दिन की शुरुवात सुबह 5 बजे से होती है । सुबह 6 और 8 बजे के समाचार नानाजी के रेडियो पर सुनना कई न्यूज़ चैनलो की न्यूज़ से बेहतर होता है । नानाजी के घर के सामने ही पोहे की दुकान है । 8.30 बजे जैसे ही वहा पोहे और समोसे तैय्यार होंगे । नानीजी किसी को भेजकर पोहे और समोसे मंगवा लेंगे । नानाजी एक लेखक भी है । पोहे और समोसे खाते खाते उनके साथ लेखन की बारिकी को सिखना और उनसे कहानिया सुनने मे बडा मज़ा आयेगा । नानीजी के हाथ का बना अचार दुनिया मे बने किसी भी सास और अचार से बेहतर होता है । खासकर नींबू का अचार । दिन के खाने मे वो अचार खाने का स्वाद 100 गुना बढा देता है । शाम के वक्त नानाजी रेलवे स्टेशन पर घुमने जाते है और साथ होता है उनका वही रेडियो जिस पर सिर्फ आधे घंटे मे आप सारी खबरे जान सकते हो । जिसे जानने के लिये आपको टीवी पर शायद घंटो लग जाये । नानाजी –नानीजी के साथ शाम का समय उनके अनुभव और पुराने किस्से सुनने मे बितेगा और रात को खाने के बाद छत पर बैठकर नानाजी कहानी सुनायेंगे । नानाजी काफी अच्छे कहानी वक्ता है ।

 
ये जो दो दिन मैं बिताऊंगा उन दो दिन मैं अपने संग मोबाईल नही रखुंगा और फिर भी मुझे लगेगा के दिन जल्दी बित गये ।

 
ये पोस्ट मैं अपने दादाजी-दादीजी और नानाजी-नानीजी को समर्पित करना चाहता हू ।

#LoveJatao
I look forward to hear from you how would you celebrate Grandparents Day.

I look forward to hear from you how would you celebrate Grandparents Day. Do share a selfie with your grandparents on Sept. 10, 2017 on Twitter or Facebook with #LoveJatao & tag @blogadda to win a goodie from Parachute Advansed


 

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