Chirag Ki Kalam ( चिराग की कलम )

जिंदगी का नशा ही काफी है ……

वजह कुछ और है

वैसे तो बहुत दिनो से कोई लेख लिखा नही है । फिर भी दिमाग मे विचार तो कई सारे घुमते रहते है । उन्ही विचारो मे से एक कचरा निकाल के परोस देता हू आप सबके सामने और कचरा इसलिये कह रहा हू के कहा कोई आजकल लेख पढता है । कम से कम 5 बार शेयर करूंगा दो दिन तक वाट्स-अप पर डाल के रखूंगा के देखो मैंने कुछ लिखा है  तब जाके नी-नी करके 200 लोग तो अपना स्टेट्स देख ही लेंगे । हा अपने पास भतेरे नबंर है । पर उन 200 मे से 4 भी ब्लाग पर आ कर कमेंट कर दे मान जाऊंगा ।

चलो खेर ये तो अपन ने थोडा माहोल जमाने के लिये लिख दिया है । पर अपने को मालूम है जो स्टेट्स देख के रिपलाई करेगा वो भी एक वो मुस्कुराता  हुआ गुड्डा भेज देगा और कुछ तो हाथ ही जोड लेंगे फिर ये सोचते रहो के यार इसने हाथ जोडे क्यो अगली बार से लिखे के नही ।

अब अपन अपनी बात पर आते है । अभी थोडे दिन पहले ही U-19 Cricket World Cup खत्म हुआ ने उसमे बांगलादेश ने तो कमाल ही कर दिया मतलब फाइनल मे पहली बार आये और आते ही खिताब अपने नाम कर लिया । वहा उनके देश मे अब तक दिवाली मना रहे है और लोग कह रहे है के आने वाले टी-20 वर्ल्ड कप मे इन नये लडको को ही भेज दो कम से कम ये 5 गेंद मे 3 रन चाहिये होंगे तो बना तो देंगे और फिर बोलने मे भी कम थोडे ना ये लोग ।

मैच खत्म हुआ और उसके बाद जो हुआ उसकी वजह से जिस- जिस ने मैच नही भी देखा था । उसने भी हाईलाईट्स देखी और इससे फायदा Star Sports और Hotstar का ही हुआ । ICC ने इस पर एक्शन लिया और 5 खिलाडियो पर जुर्माना भी ठोक दिया ये वैसे ही हुआ के कोई मेहमान घर आये हो और अपन ने उनके नाश्ते की प्लेट उनके सामने ही निपटा दी । फिर बाद मे वो जो 10 रुपये देके गये वो मम्मी ने कान पकड के रख भी लिये । 
U-19 Cricket World Cup Final


वैसे तो इस incident के कई कारण है । पर एक कारण जो मुझे लगता है वो है दर्शक । क्रिकेट के fan’s अपने खिलाडियो से बहुत उम्मीदे लगा के रखते है । शायद इतनी उम्मीदे वो अपने आप से ना लगाते है ।  उन्ही उम्मीदो के दबाव मे फिर खिलाडी मैच जीतने की हर सम्भव कोशिश करते है । बांगलादेश के युवा खिलाडी भी इसी दबाव मे थे और इसिलिये मैच के शुरु होते है उन्होने अपनी limit को cross करना शुरु कर दिया था ।  ताली कहा एक हाथ से बजती है , उनके देखा देख भारत के खिलाडियो ने भी उनके सुर मे सुर मिलाना शुरु कर दिया और नतीजा ये हुआ के एक शानदार मैच अपने उतार चढाव के बजाये नोकझोक और लडाई के कारण famous हो गया ।

वैसे एक छोरे ने अश्विन के नक्शे  कदम पर चल के Mankaded के नाटक कर दिये थे ।  वो तो फिर भी नियम के साथ चला छोरा पर फिर भी ज्यादा  समझदार बनने की कोशिश मे KBC का option बन गया । 

आखिर मे बस एक ही बात के क्रिकेट या किसी भी खेल मे हम खिलाडियो पर इतना दबाव ना बना दे वो हमारे खातिर कुछ भी करने को तैय्यार हो जाये  क्यूंकी हम ही जो उन्हे एक मैच हारने के बाद अर्श से फर्श पर ले आते है ।

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