Tuesday, 19 May 2020

माचिस की डिब्बी







दो महिने से चल रहे Lockdown मे हर कोई कुछ ना कुछ नया कर रहा है | कुछ लोग अपने परिवार के साथ वक्त बिता रहे है | साथ ही कई लोग अपने पुराने किस्से अपने बच्चो को भी सुना रहे है| बच्चे भी अपने परिवार के सिनियर्स के बारे मे जानकार सोच रहे है के ये अपने बडे लोग तो बहुत बडे वाले है | वैसे जहा तक मै अपनी बात करू तो Work From Home मे Online ही Students को पढा रहा हू और खाली वक्त जो भी मिल रहा है उसमे कुछ ना कुछ लिख रहा हू |

मेरी बेटी अभी 3.5 साल की है और उसके लिये घर मे इतने दिन दोस्तो और स्कूल के बगैर रहना एक बहुत मुश्किल कार्य है| इसिलिये अपने खाली वक्त का समय उसके लिये भी निकालता हू | अपने खाली वक्त मे priority पर अपनी बेटी के साथ समय बिताना सबसे पहले आता है | अभी जिस उम्र मे मेरी बेटी है | उस उम्र मे बच्चे आपसे कई सवाल करते है और अधिकतर इन सवालो के जवाब पता होते हुये भी बच्चे को समझाना मुश्किल होता है क्यॊकि हर जवाब मे वो दुसरा सवाल दाग देते है | ये महाभारत के अर्जुन के बाणॊ से भी तेज आपके पास आते है | आप अपने धनुष को सम्भालो इतने मे अगला सवाल तीर की तरह सीधा आपके पास आकर अपने जवाब की लालसा से खडा रहता है |


इन्ही सवालो मे मेरी बेटी ने एक सवाल मुझसे किया और बस उसी जवाब से निकली एक पुरानी याद जो आप सबके साथ आज साझा करूगा | सुबह-सुबह जब मै अपने इश्वर को स्नान करा के दिया लगाने जा ही रहा था | मेरी बेटी ने तपाक से माचिस को उठा लिया और पूछा -” पापा , हर बार एक जैसी माचिस क्यो लाते हो"| अब ये पोस्ट Sponsored तो नही है इसिलिये माचिस के Brand का नाम नही लिखूगा | मैने अपनी बेटी से कहा- “ आजकल यही मिलती है दूसरी मिलेगी तो ले आऊगा वो वाली माचिस भी "| अपने पापा की बात पर भरोसा कर उसने कहा-” ठीक है मास्क लगा के जाना और दूसरी माचिस ले आना" |

उसकी इस बात से याद आ गई एक ऎसी याद जिससे लगा के यार सच मे अब कहा इतने Brand देखने को मिलते है माचिस के जितने पहले दिखते थे | मुझे आज भी अच्छे से याद है , बचपन मे अक्सर जब मे अपने नानाजी-नानीजी के घर गर्मी की छुट्टियो मे जाता था | तब वहा के मेरे दोस्त और मै अक्सर माचिस के अलग- अलग Brand के Front को सहेज कर रखते थे |

जहाज,तलवार,कार,बाईक,सूरज,कबूतर,गुलाब,बतख,ज़ेब्रा और ना जाने कितने तरह के Brand माचिस बनाते थे | हम दोस्त अक्सर बाजार और घर मे अलग-अलग Brand की माचिस को ढूढते थे | उनपर छ्पे हुये फ़ोटो को फ़ाडकर हम अपनी-अपनी ताश की गड्डी बना कर आपस मे खेलेते थे | इन माचिस के फ़ोटो को ढूढने के लिये ना सिर्फ़ घर और बाजार बल्की हम गाव मे हर जगह घुमते थे |

हमारी कोशिश होती थी के हमारे सबसे Unique तरह का Brand हो |‌ फ़िर हम इसको हम अपनी सम्पत्ति की तरह सम्भाल के रखते थे| आपस मे हमने हर Brand की एक Value तय करते थे | जैसे शेर -बकरी,भेड और हिरण से बडा होगा | जहाज़ - नाव,तलवार और ऎसी कई चीजो से बडा होगा और इन्सान सबसे बडा होगा | बस ये नियम तय करके हम ताश खेलते थे और आखिर मे कोशिश करते थे के अपने पास सबसे ज्यादा और Unique Brands के फ़ोटॊ हो | अब इस उम्र मे जरुर मै कई तर्क दे सकता हू के उस खेल से ये सिखते थे वो बाते समझते थे | पर उस वक्त तो बस ये खेल ही था |

Big Fun का नाम की एक Bubble Gum आया करती थी और इससे मिलने वाले Cards जो सारे ही Cricket से Related थे आज भी मेरे पास है | जब बेटी ने सवाल किया तो याद के साथ एक मलाल भी रहा के काश मेरे पास आज वो माचिस के Brands होते | वैसे एक और बात जो मेरे ख्याल मे आयी के पहले कितने ज्यादा तरह के माचिस Brands आते थे | परन्तु अब आप अब गिनोगे तो शायद 10 तक की गिनती भी कम पड जाये | खैर मे इसके कारण तो नही जानता पर अगर आपने भी ये खेल खेला हो या नही भी खेला हो तो भी इस पोस्ट पर Comment किजियेगा |

Friday, 21 February 2020

Women World T20 2020


फाइनल का इंतेजार क्यू ?

हमारे देश मे महिलाओ को देवी का दर्जा दिया जाता है । समाज मे उनकी एक खास जगह रहती है क्योंकी वो एक मॉ, बहन , बेटी, बहू और भी कई रुप मे इस समाज़ मे एक अहम योगदान देती है । परंतु फिर भी पूरा देश उनके साथ तब ही खडा होता है जब उनके साथ कोई भयावक हादसा हो जाता है । निर्भया और लक्ष्मी SAA ऐसे ही उदाहरण है ।

ऐसा नही है के ये स्थिती तब ही है जब उनके साथ कोई हादसा हो , ऐसा तो तब भी होता है जब वो समाज़ मे अपना कोई स्थान बनाने की कोशिश करती हो । महिलाये जब भी किसी भी श्रेत्र मे आगे बढने की कोशिश करती है शुरुवात मे हमेशा उन्हे नज़रअंदाज़ करके पीछे धकेला जाता है । फिर जब वो एक किसी श्रेत्र मे उच्च स्थान पा लेती है तब फिर हर कोई उनकी तारीफ करता है । मेरा मानना है के उन्हे अगर शुरु से ही अगर सही से प्रोत्साहन मिले तो वो उपलब्धियो को कई गुना बढा देगी 

ये सब बाते आज इसिलिये कर रहा हू क्यूंकी 2017 मे हमने काफी देर कर दी थी । उस वक्त अगर थोडा जल्दी हमने उनका support करना शुरु कर देते तो शायद तस्वीर बदल जाती ।  Indian Men Cricket Team चाहे कितने भी मैचेस हार जाये या फिर RCB चाहे  IPL मे कोई मैच ना जीते फिर भी उनका support हमेशा किया जाता है । हम क्यो हमारी Women Cricket Team का हौसला हर मैच मे हर Tournament मे  नही बढाते है ?

आज 21 फरवरी 2020 से Women T20 World Cup Australia मे शुरु हो रहा है और  पहली बार ये Tournament stand alone हो रहा है । मतलब पहली बार Men Cricket World Cup से अलग आयोजन हो रहा है । 2017 मे जब हमारी Women Cricket Team वर्ल्ड कप के सेमिफाइनल मे पहुची थी तब जाकर हमारे देश मे कुछ लोगो ने उनका support  करना शुरु किया था और फिर फाइनल मे पूरा देश उनके साथ था ।  उस बार की तरह इस बार क्यो हम किसी knockout मैच का इंतेजार करे क्यो ना आज से ही उनका हर मैच मे support करे और ये support ठीक वैसे ही हो जैसे हम Men in Blue का support करते है ।

इस Tournament मे हमारी Women Team को  Harmanpreet Kaur Lead कर रही है । Smriti Mandhana(4) और Harmanpreet Kaur(9) दोनो ही ICC की Batting की T-20 ranking मे Top 10 मे है । ऐसा नही है के ये लडकीया सिर्फ Batting मे ही कमाल कर रही है । Bowling मे Radha Yadav(4)  और Deepti Sharma(5) भी Top 10  मे है । टीम Ranking मे भी नबंर 4 पर है ।

हमारा पहला मैच आज 21 फरवरी को आस्ट्रेलिया के साथ है ।  India के group मे Australia ,NewZeland, Srilanka  और Bangladesh है । दुसरे group  मे England, South Africa, Pakistan, West Indies और Thailand है । दोनो groups मे से Top दो Teams Semifinal मे खेलेगी  । 21 फरवरी से शुरु हो रहे इस World Cup का फाइलन मैच 8 मार्च को होगा और हम उम्मीद कर रहे है के इस मैच की एक टीम India हो ।
Women World T20 2020


आज इस World Cup की शुरवात India vs Australia के मैच से होगी । इसके बाद India के मैचेस का schedule कुछ इस तरह से है 
1.  India vs Australia-21-Februrary 2020
2.  India vs Bangladesh-24 Februrary 2020
3.  India vs New Zeland-27 February 2020
4.  India vs Srilanka-29 Februrary 2020

 इसके बाद 5 March को Semifinal और 8 March को Final होगा । इस World Cup के लिये India की Team मे ये Players है :-

Harmanpreet Kaur(C),Taniya Bhatia(WK),Shafali Verma, Smriti Mandhana, Richa Ghosh,Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Arundhati Reddy, Shikha Pandey,Radha Yadav, Rajeshwari Gayakwad, Poonam Yadav,Veda Krishnamurthy, Pooja Vastrakar, Harleen Deol.

अब बस शुरू करीये  हमारी Team का support और चाहे अंजाम जो हो ये support हमेशा जारी रहे । 

Indian Women Cricket Team को support करने के लिये #supportIndianWomenCricketTeam #Wearewithyou hashtag के साथ अपने social media account मे इस article को या जो भी आप लिखना चाहे Team के Support मे वो लिखे ।

Tuesday, 18 February 2020

U-19 Cricket World Cup Final


वजह कुछ और है

वैसे तो बहुत दिनो से कोई लेख लिखा नही है । फिर भी दिमाग मे विचार तो कई सारे घुमते रहते है । उन्ही विचारो मे से एक कचरा निकाल के परोस देता हू आप सबके सामने और कचरा इसलिये कह रहा हू के कहा कोई आजकल लेख पढता है । कम से कम 5 बार शेयर करूंगा दो दिन तक वाट्स-अप पर डाल के रखूंगा के देखो मैंने कुछ लिखा है  तब जाके नी-नी करके 200 लोग तो अपना स्टेट्स देख ही लेंगे । हा अपने पास भतेरे नबंर है । पर उन 200 मे से 4 भी ब्लाग पर आ कर कमेंट कर दे मान जाऊंगा ।

चलो खेर ये तो अपन ने थोडा माहोल जमाने के लिये लिख दिया है । पर अपने को मालूम है जो स्टेट्स देख के रिपलाई करेगा वो भी एक वो मुस्कुराता  हुआ गुड्डा भेज देगा और कुछ तो हाथ ही जोड लेंगे फिर ये सोचते रहो के यार इसने हाथ जोडे क्यो अगली बार से लिखे के नही ।

अब अपन अपनी बात पर आते है । अभी थोडे दिन पहले ही U-19 Cricket World Cup खत्म हुआ ने उसमे बांगलादेश ने तो कमाल ही कर दिया मतलब फाइनल मे पहली बार आये और आते ही खिताब अपने नाम कर लिया । वहा उनके देश मे अब तक दिवाली मना रहे है और लोग कह रहे है के आने वाले टी-20 वर्ल्ड कप मे इन नये लडको को ही भेज दो कम से कम ये 5 गेंद मे 3 रन चाहिये होंगे तो बना तो देंगे और फिर बोलने मे भी कम थोडे ना ये लोग ।

मैच खत्म हुआ और उसके बाद जो हुआ उसकी वजह से जिस- जिस ने मैच नही भी देखा था । उसने भी हाईलाईट्स देखी और इससे फायदा Star Sports और Hotstar का ही हुआ । ICC ने इस पर एक्शन लिया और 5 खिलाडियो पर जुर्माना भी ठोक दिया ये वैसे ही हुआ के कोई मेहमान घर आये हो और अपन ने उनके नाश्ते की प्लेट उनके सामने ही निपटा दी । फिर बाद मे वो जो 10 रुपये देके गये वो मम्मी ने कान पकड के रख भी लिये । 
U-19 Cricket World Cup Final


वैसे तो इस incident के कई कारण है । पर एक कारण जो मुझे लगता है वो है दर्शक । क्रिकेट के fan’s अपने खिलाडियो से बहुत उम्मीदे लगा के रखते है । शायद इतनी उम्मीदे वो अपने आप से ना लगाते है ।  उन्ही उम्मीदो के दबाव मे फिर खिलाडी मैच जीतने की हर सम्भव कोशिश करते है । बांगलादेश के युवा खिलाडी भी इसी दबाव मे थे और इसिलिये मैच के शुरु होते है उन्होने अपनी limit को cross करना शुरु कर दिया था ।  ताली कहा एक हाथ से बजती है , उनके देखा देख भारत के खिलाडियो ने भी उनके सुर मे सुर मिलाना शुरु कर दिया और नतीजा ये हुआ के एक शानदार मैच अपने उतार चढाव के बजाये नोकझोक और लडाई के कारण famous हो गया ।

वैसे एक छोरे ने अश्विन के नक्शे  कदम पर चल के Mankaded के नाटक कर दिये थे ।  वो तो फिर भी नियम के साथ चला छोरा पर फिर भी ज्यादा  समझदार बनने की कोशिश मे KBC का option बन गया । 

आखिर मे बस एक ही बात के क्रिकेट या किसी भी खेल मे हम खिलाडियो पर इतना दबाव ना बना दे वो हमारे खातिर कुछ भी करने को तैय्यार हो जाये  क्यूंकी हम ही जो उन्हे एक मैच हारने के बाद अर्श से फर्श पर ले आते है ।

Sunday, 12 January 2020

MS DHONI: A STORY SEEN BY EVERYONE IN INDIA


15 साल और वो भिंडी की सब्जी 


उस वक्त हम अपने नये घर मे शिफ्ट हूये थे और कुछ दिनो तक केबल का कनेक्शन भी नही लगा था । मालवा की चिलचिलाती गर्मी मे दूरदर्शन ही एक सहारा था और जब क्रिकेट का मैच हो तो दूरदर्शन स्टार स्पोर्ट्स लगने लगता था । तब  “फेयर एंड लवली  “ प्रेसेण्ट्स “फोर्थ अपांयर “  के एस्पर्ट्स कमेंट सुनकर लगता था बस अभी सचिन को संस्यास ले लेना चाहिये ।   

खैर इस गर्मी मे भी अगर क्रिकेट मैच टी.वी पर आये और वो भी India vs Pakistan तो फिर ऐसा लगता है जन्न्त और कही नही यही है । वैसे भी 12वी पास करके और IIT-JEE का स्क्रिनिंग देके वेले बैठे थे ।  India vs Pakistan सिरीज़ का ये दूसरा वन-डे  था । वैसे तो इसके पहले कई मैच देखे थे India vs Pakistan के पर इस मैच मे कुछ खास था । एक खिलाडी खेल रहा था । जिसके बारे मे  , मैं अखबारो और कभी कभार दूरदर्शन और आकाशवाणी की न्यूज़ मे टटोलता रह्ता था । जिन दोस्तो के यहा केबल था वो बताते थे के सबसे तेज़ चैनल पर उसकी खूब तारीफ हो रही थी । मैं उस खिलाडी को अच्छा खेलते हुये बस इसिलिये देखना चाहता था के  जब से क्रिकेट देखा था ,तब  से अब तक हर टीम के पास एक ऐसा विकेट कीपर था जो बल्लेबाज़ी भी बढिया करता था । 


हम दोस्तो का optimism इस कदर था के हमने नयन मोंगिया, समीर दीघे,अजय रात्रा,दीप दास गुप्ता, विजय दाहिया,सबा करीम और एम.एस.के प्रसाद के छोटे –मोटे contribution  को भी ऐसा आकते  थे के बस अब मिल गया India को भी एक बढिया विकेट-कीपर ।  हमारी सारी उम्मीदे  एक-दो मैच या ज्यादा से ज्यादा एक सीरीज़ के बाद खत्म होती गई । इस सीरीज़ मे भी उम्मीदे कुछ ऐसी  ही थी क्यूंकि एक दोस्त ने सबसे तेज़ चैनल पर इस खिलाडी की India A के लिये खेली पारीयो मे से एक की  कुछ highlight’s देखी थी  । शायद इसी  कारण पहली बार मैंने उम्मीदे एक सीरीज़ तक और बढा ली ।


मैच मे टास जीतने  के बाद जब Indian टीम बैटींग करने आयी  तो  मन कर  रहा  था के बस जल्दी से कोई आऊट हो और वो खिलाडी बैटिंग करने  आये  God of Cricket ने हमारी बात सुन ली और फिर क्रीज़ पर वो आया जिसका  मुझे  इंतेजार था ।


पेट मे भूख ने अलार्म बजा दिया ।  मैं किचन मे गया और देखा आज भिंडी बन रही थी , पर एक अलग अंदाज़ मे ,मॉ ने भिंडी के साथ आलू भी मिक्स कर रही थी    ये पहली बार ही मैं ऐसे combination को खा रहा था । मुझे लगा आज जरुर कुछ नया होगा क्योंकि मॉ की recipe  हमेशा ही बढिया होती थी ।


बस ये सोच कर मैं जा बैठा टी.वी के सामने और देखने लगा उस खिलाडी की बैटिंग जो आने वाले सालो मे भारतीय क्रिकेट के इतिहास मे नये नये chapter लिखने वाला था ।  वैसे इस series के पहले इस खिलाडी ने बांग्लादेश  के खिलाफ अपना डेब्यू कर लिया था ।  उस series मे उसने ज्यादा रन नही बनाये थे और फिर  मैं मैचेस देख भी नही पाया था । इसी कारण से मन ये मान ही नही रहा था के खिलाडी फेल हो सकता है  


लम्बे  - लम्बे  बाल और उसी तरह  से लम्बे –लम्बे shots लगाने वाले इस खिलाडी ने जैसे  ही 50 रन पार किये लगा बस अब सूकून है । फिर धीरे-धीरे जब उसने हर गेंदबाज़  के धागे खोलने  शुरु किये , लगने लगा अब हमे भी हमारा गिली मिल गया है ।मैदान मे बैठे  दर्शक और मैं बस एक ही आवाज़ लगा रहे थे, धोनी-धोनी ,  धोनी-धोनी ,  धोनी-धोनी ,  । इस कदर  धोया धोनी ने पाकिस्तान के बालर्स को ऐसा  लगा  जैसे ये उन्हे कई सालो से खेल रहा हो  ।


148 रनो  की वो पारी ने उसी दिन ये तो तय कर दिया था अब  अगले कुछ सालो मे जब-जब India के पांच विकेट गिर जायेंगे तब –तब अब टीवी बंद नही करना है । वैसे उस series मे Pakistan  ने  India को 4-2 से हराया था । पर आज भी उस series की हार  नही चुभती क्यूंकि उस series ने Indian Cricket Team को एक हीरा  दे दिया था ।


साथ ही मॉ के हाथो से बनी एक शानदार सब्जी खाने को भी मिली ।

15  सालो  से धोनी  भारतीय क्रिकेट  की लगातार सेवा कर रहे है । 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप हो , 2011 का वन डे वर्ल्ड  कप  हो  या 2013 की चैम्पियंस ट्राफी हर बार जो खुशिया धोनी ने दी है इस देश को क्रिकेट के जरीये  दी है वो पता नही  कब और कौन दे पायेगा  


वैसे  धोनी के कई मैचेस और पारीया है जो यादगार है पर ये मेरी सबसे  पसंदीदा पारी है ।