Chirag Ki Kalam ( चिराग की कलम )

जिंदगी का नशा ही काफी है ……

Month: October 2018

Hindi Love Poem|आसान था अपना मेल प्रिये

      Hindi Love Poem on Marriage Anniversary Hindi Poetry   आसान था अपना मेल प्रिये,ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये, तू हरिद्वार का गंगा घाट है मैं हूं घाट की जंजीर प्रिये,तू उज्जैन का पोहा है मैं हूं Read more…

Gazal | Sawaal ye nahi ke vo Kaha hai

  Read a Gazal in Hindi written by me. सवाल ये नहीं के वो कहा है,जवाब उनके ही साथ गुम हो गया है।सवाल ये नहीं के वो कहा है….. इशारो में समझ सको तो समझ जाओ तुम,मोहब्बत में अब एहसासों Read more…

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