Saturday, 20 October 2018

Hindi Love Poem|आसान था अपना मेल प्रिये

      Hindi Love Poem on Marriage Anniversary


Hindi Poetry


 

आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,


तू हरिद्वार का गंगा घाट है मैं हूं घाट की जंजीर प्रिये,
तू उज्जैन का पोहा है मैं हूं खट्टा मीठा जिरावान प्रिये,
तू ठण्ड के मौसम का जैकेट  है मैं हूं उस जैकेट का  टोपा प्रिये,
तू बाग़ में लगा गुलाब है और मैं गुलाब का काँटा प्रिये,
आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,


Hindi Love Poem

तू क्रिकेट का बल्ला है मैं  हूँ लाल-सफ़ेद गेंद प्रिये,
तू इंद्रधनुष सा सतरंगी है मैं हूँ उसपर पड़ती धूप प्रिये,
तू चेहरे की मुस्कान है मैं हूं उस मुस्कान का कारण प्रिये,
तू बारिश बूंदे है और मैं हूं चातक प्रिये,


आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,


तू राजमहल का सुन्दर दरवाजा है मैं हूं उस दरवाजे की कुण्डी प्रिये,
तू सबको जोड़ने वाला फेवीक्विक है मैं हूं उसका केप प्रिये,
तू चाँद सा सुन्दर है मैं उसपर लगा दाग प्रिये,
तू धड़कन मेरे दिल की है और मैं हूं उस धड़कन की धक् धक् प्रिये
आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा  अनमोल है प्रिये | 


साथ ही इस कविता को मैंने अपनी Marriage Anniversary पर Zindagi Mix Veg के इवेंट मे भी सुनाया था । नीचे उसका विडियो देखिये ।



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Saturday, 6 October 2018

Gazal | Sawaal ye nahi ke vo Kaha hai

 

Read a Gazal in Hindi written by me.


gazal

सवाल ये नहीं के वो कहा है,
जवाब उनके ही साथ गुम हो गया है।
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


इशारो में समझ सको तो समझ जाओ तुम,
मोहब्बत में अब एहसासों की जगह कहा है।
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


वो गुलाब आज भी हमसे पूछता है,
जिसकी खुश्बू मुझे बनाना था वो मेरा हकदार कहा है,
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


मजनू हमें पूरा शहर कहता था,
चौराहे पर हो जिसका चर्चा वो इश्क अब कहा है
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


मैखाने में अक्सर अब जाया करता हूं,
चढ़ा दे वो नशा फिर से वो शराब कहा है ।
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


मंदिर,मस्जिद और गुरुद्वारे गया,
दुआ-ए-खैर में दे दे मुझे वो,वो खुदा कहा है
सवाल ये नहीं के वो कहा है.....


 

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