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Showing posts from September, 2017

India Vs Australia Odi | तिरभिन्नाट पोहा

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“यार उमेश बोत दिन हुये ये पप्पू भिया नी दिख रे है “ –रितिक ने कहा । “ हा यार मैं भी काम के चक्कर मे उधर जा नी पा रिया हू ने फिर शाम को पानी आ जाता है नी तो फिर अपन कहा पप्पू भिया को ढूढो “ –उमेश ने कहा । रितिक –“ क्यो रे गेलिये पानी का पप्पू भिया से क्या लेना देना “ । उमेश-“ अरे यार पिछले साल बारिश गिरे ने के पप्पू भिया का फोन आये , ने फिर मेरे से के चल चले अड्डे पे “। रितिक –“ अबे तो दारू हीच तो पीने का के रिये थे कौन सा तेरे को तीर्थ करवा रिये थे “। उमेश-“  अबे नी यार , तू समझियो कौणी , पप्पू भिया शुरु के 2-4 पैक तो ऐसे पीये जैसे कोई मैजिक सिगनल खुलते ही दौडे ,ने फिर उने चढ जाये ने फेर अपणा नी पीन दे, बार –बार दे लप्पड- दे लप्पड ने के दारू पीना बूरी बात है “। रितिक ने दूर से पप्पू भिया को आते देखा और कहा –“अरे नी यार अपने पप्पू भिया ऐसे नी है वो तो सज्जन आदमी है , पीयो और पीने दो मे विसवास रखते है रे “। पप्पू भिया उमेश के पीछे आकर खडे हुये और रितिक को चुप रेने का इशारा किया । उमेश –“अबे गेलिये तेरे को सज्जन दिखते है , तू और पप्पू भिया दोनो ही सर्किट हो “। ये कहते हुये उमेश पलटा और पप

Holiday At Grandparents House

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इस दुनिया मे जब हम आते है । कई सारे रिश्तो से जुड जाते है । इन्ही सब रिश्तो मे एक रिश्ता होता है । दादा-दादी और नाना-नानी का और अगर सच कहू तो ये एक ऐसा रिश्ता है जहा शायद हमे सबसे ज्यादा प्यार मिलता है । चाहे आप इस दुनिया के छुट्टीया मनाने कही भी चले जाये परंतु गर्मियो की छुट्टीयो मे दादा-दादी और नाना-नानी के घर जाना सबसे बेहतर समर होलिडे होगा । हर कोई अपने दादा-दादी और नाना-नानी के साथ समय बिताना चाहता है ।   जब हम छोटे थे तब शायद इतना हम ये नही सोचते के हम अपने माता-पिता के माता-पिता के साथ समय कैसे बिताना चाहते है । फिर जब नौकरी लगती है और ज्यादा वक्त जीवन की आप-धापी मे जाता रहा  । तब इस बात के बारे मे सोचते है के अगर मौका मिले या ये कहे के काश छुट्टीया मिले तो कुछ वक्त उनके साथ गुज़ारे ।   एक दिन दादाजी-दादीजी के साथ   दादाजी-दादीजी के संग वक्त गुजारने का अपना ही मज़ा है । उस वक्त हमे जो किस्से कहानिया सुनने को मिलते है । वो शायद ही कही और सुनने को मिले । मैं अपने दादाजी के साथ अपने गाव “कैथूली” जाना चाहता हू । वहा जाकर उनके संग उन गलियो मे घुमना चाहता हू । जहा उन्होने अपने जीवन के क