वो दूर है हमसे

तस्वीर दिल मे है उनकी तो क्या बडी बात है
 जुबां पर नाम है उनका तो क्या बडी बात है
 और लकिरो मे अगर वो नही
 तो क्या बडी बात है

नींद का आलम कल रात कुछ ऐसा था ,
 आंख खोलू तो वो ,
और आंख बंद करू तो वो

Hindi Shayari

तकदीर मेरी भी बडी चालाक थी ,
आईने मे जब खुद को देखता था,
 मुई चेहरा बदल देती थी

यकीन आयेगा तुम्हे शायद जीतने के बाद
 के हार गये होते तो शायद बेगुनाह होते

वो दूर है हमसे,
 ये गम नही है ,
कातिल दूर से ही शिकार कर रहा है ,
 ये भी कोई कम नही है

थकान अब नही आती मुझे ,
उसे भी चैन की नींद मॉ की गोद मे ही आती थी

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