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हमारे अपने बिंदास नेहराजी

तिरभिन्नाट पोहा- इंडिया व्र्सेज आस्ट्रेलिया

कुछ दिन तो बिताओ दादा-दादी और नाना-नानी के घर

कुछ किताबे तुम जैसी है

वो था दोस्त,

वो दूर है हमसे

सचिन बस नाम ही काफी हैं -1

तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का रिजाईन

देहरादून डायरी- टपकेश्वर मंदिर

तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का लैपटाप

तिरभिन्नाट पोहा-इसके बिना जिंदगी खत्म भिया

आपका Whats App स्टेट्स क्या है ?

WOW-Mind Your Language-क्योंकी हिंदी मॉ ने सिखायी है

हम भारतीय जुगाडू है

दोस्त से ज्यादा, पर गर्लफ्रेंड,बायफ्रेंड से कम

मौत पर डिस्काऊंट है