Chirag Ki Kalam ( चिराग की कलम )

जिंदगी का नशा ही काफी है ……

Month: September 2016

Writing A Poem

  मैंने आज फिर कलम उठाई है   कोरे कागज़ पर अल्फाजो की बहार आई है,अहसासो ने फिर दिल मे एक धुन बजाई है,बहुत दिन हुये ….मैंने आज फिर कलम उठाई है   नये दौर मे एक नयी आवाज़ आई Read more…

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