Thursday, 6 November 2014

रिश्वत : Short Stories

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वो हर रोज की तरह फिर घर से निकल पडा,एक फाईल मे अपने मेहनत के पसीने से सिंच कर उगाये उन कागज़ के टुकडो को जिन पर उसे बहुत नाज़ था.
जैसे ही वो आफिस के बाहर चाय पीने के लिये रुका ...उसके सुना " हा तुम बस इंटरविव दे दो बाकी मे सम्भाल लूंगा और फर्जी डिग्री मेरे पास है अभी आयी है.बस ध्यान रहे बॉस को 25 देना है."
rishwat-short story



कुछ देर उसने सोचा और फिर जला दिये वो सारे कागज़ जिन पर उसे गुमान था.

अचानक से आवाज़ आई " मै आई कम ईन सर "

वो अपने ख्यालो से बाहर आया और देखा एक लडका खडा है.

उसने कहा " कम ईन यंग मैंन "

और बाहर निकलने पर उस लडके से एक और लडके ने कहा " भाई क्या भाव है सिलेक्शन का "
उसने कहा " बेइंतेहा मेहनत "

-चिराग जोशी.