Chirag Ki Kalam ( चिराग की कलम )

जिंदगी का नशा ही काफी है ……

Month: July 2014

Poetry Heart | कुछ कहता हैं दिल

  मेरा दिल कुछ कहता हैं,हमेशा नए सवाल ये पूछता हैं क्यों मिलकर जुदा होते हैं हम ,क्यों आते हैं आंसू खुशियों के बादक्यों तडपाती हैं याद किस बिनाह पर हम करते हैं प्यार ,जबकि नहीं होता इसमे कागज़ पर Read more…

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