खवाहिशे


हैं हुस्न का जलवा तेरा

तू हैं एक ख्याल मेरा

 

जब वो बारिश की बुँदे ,

तेरी लटो को भिगोती हुई 

तेरे लबो तक आती हैं 

मेरी धड़कन बढ़ा देती हैं 

desire for love

वो तेरे तीखे नैना ,

चाहते हैं मुझसे कुछ कहना 

लब बोलना नही चाहते हैं 

पर शब्द गिरने को हैं बेक़रार 

बस एक और लबो का सहारा मांगते हैं 

 

हर चाहत तेरी पूरी कर दूंगा ,

तेरी मोहब्बत को अपनी जिंदगी कर दूंगा ,

हमदम तू हैं साँसों में बसी 

तुझे दो जिस्म एक जान बना दूंगा 

 

तेरी जुल्फों सवार कर 

होठो से वो बारिश की बुँदे पी लूँगा  

(चिराग )

Comments

  1. वाह!!! क्या कहने
    ... अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया...

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  2. ..... बेह्तरीन पोस्ट
    कुछ लाइने दिल के बडे करीब से गुज़र गई....

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  3. nice read !!
    Is looking ahead for more such posts.. :)

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