इश्क होता हैं दोस्ती के बाद

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद ,
नशा चढ़ता हैं  शाम के बाद


शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
लगती हैं आग मन में
जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,


इश्क होता हैं दोस्ती के बाद.......


कहना चाहूँ तुझसे जब दिल की बात 

बता दूँ तुझे तू क्या हैं मेरे लिए मेरी जान ,


love-and-friendship


सच को छुपाना आसान तो नहीं ,
पर झूठ मुह से निकलता हैं ,
तुझे देखने के बाद 


इश्क होता हैं दोस्ती के बाद....... 


शोर जब सुनता हूँ  गली में ,
सोचता हूँ खुद को बंद कर लूँ घर में ,
पर सन्नाटा सुनाई देता हैं तेरे आने के बाद

 

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद....... 


(चिराग )

Comments

  1. काफी अच्छी तरह से अपने विचार पेश किये है!!!!!! :)
    Nice one!!!!!
    ^_^

    ReplyDelete
  2. ishq kiya nahi jaata, bas ho jaaata hai. :)

    Nice post.

    Cheers,
    Blasphemous Aesthete

    ReplyDelete
  3. wow bahut achha laga aapki ye rachana padhke...kamal ka likh dia hai aapne....ishq hota hai dosti ke bad.....bahut hi lajabab

    ReplyDelete
  4. दोस्ती भी तो इश्क का ही एक रूप है.
    चिराग जी,सुन्दर प्रस्तुति है आपकी.
    आभार.

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

    ReplyDelete
  5. अच्छी अभिव्यक्ति |बधाई |
    आशा

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर लिखा है आपने,
    साभार,
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

    ReplyDelete
  7. वाह! क्या बात है! बहुत सुन्दर लिखा है आपने! इश्क़ होता है दोस्ती के बाद..ये बिल्कुल सही है! हर एक पंक्तियाँ दिल को छू गई! उम्दा प्रस्तुती!

    ReplyDelete
  8. वाह.... क्या बात है चिराग जी
    दिल को छु गई आपकी ये ...प्रस्तुति

    ReplyDelete
  9. शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
    लगती हैं आग मन में
    जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,

    इश्क होता हैं दोस्ती के बाद.......

    I agree ! It goes like this only .

    Beautifully defined !

    .

    ReplyDelete
  10. It was Wow! I liked it! :)

    ReplyDelete
  11. Bahut Sunder.... Dosti ka rishta sabase upar hai...

    ReplyDelete

Post a Comment