Wednesday, 20 July 2011

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद ,
नशा चढ़ता हैं  शाम के बाद


शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
लगती हैं आग मन में
जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,


इश्क होता हैं दोस्ती के बाद.......


कहना चाहूँ तुझसे जब दिल की बात 

बता दूँ तुझे तू क्या हैं मेरे लिए मेरी जान ,


love-and-friendship


सच को छुपाना आसान तो नहीं ,
पर झूठ मुह से निकलता हैं ,
तुझे देखने के बाद 


इश्क होता हैं दोस्ती के बाद....... 


शोर जब सुनता हूँ  गली में ,
सोचता हूँ खुद को बंद कर लूँ घर में ,
पर सन्नाटा सुनाई देता हैं तेरे आने के बाद

 

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद....... 


(चिराग )