वो अंजाना चेहरा -4


the final meetingआखिरकार वो दिन आ ही गया जब अमित और कविता एक दुसरे से मिलाने वाले थे .कविता नीले रंग का सूट पहन कर जाने वाली थी ,और अमित सफ़ेद रंग की शर्ट और नीली जींस.

 

कविता सही समय पर शालीमार स्ट्रीट पहुच गयी ,जहाँ पर दोनों का मिलना तय हुआ था .उसे अमित का इन्तेजार करते हुए आधा घंटा हो गया था  उसने सोचा अमित को फ़ोन लगाया जाये  ,पर तभी उसके मोबाइल पर निधि का फ़ोन आया ,जैसे ही उसने कॉल उठाया उधर से निधि बोली "कविता ,सेव वन अस्पताल आ जा संजय ....."

 

जैसे ही कविता ने संजय और उस अस्पताल का नाम सुना उसके हाथ पाँव फुल गए ,उसने झट से कहा "आती हूँ "

और फ़ोन काट दिया  कविता काफी दर गई थी पहली बार उसे जिंदगी में प्यार हुआ और जब वो उससे मिलने वाली थी और ये हादसा  हो गया .

 

जैसे ही वो अस्पताल पहुची दौड़ते हुए  आई .सी .यू के पास पहुची गयी ,वहा उसने संजय को देखा तो उसकी जान में जान आई पर थोड़ी हैरत भी हुई उसने निधि से कहा "संजय तो ठीक हैं "

निधि "हां वो तो ठीक हैं तुने पूरी बात सुनी कहा थी ,संजय के भाई शिशिर का एक्सिडेंट हो गया हैं "

कविता संजय के पास गयी और उसे हिम्मत देने लगी .

 

तभी डॉक्टर आये और कहा के शिशिर खतरे से बाहर हैं ,हम उसे प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं ,एक घंटे बाद उसे होश आ जायेगा .

कविता ने संजय से पुछा ये कैसे हुआ 

संजय ने बताया किसी लड़की से मिलने जा रहा था ,जिससे कई दिनों से चेटिंग कर रहा था .

कविता ने सुना तो थोडा दरी पर संभल गई के हो सकता हो वो भी चेट कर रहा हो संजय की तरह .

 

एक घंटे बाद 

 

संजय ,कविता और निधि शिशिर के पास गए उसे होश आ गया था .

"कैसे हो शिशिर "कविता ने कहा 

शिशिर "ठीक हूँ "

 

कविता फिर ठिठकी क्योंकि उसे आवाज़ जानी पहचानी लगी .

तभी शिशिर के बेड के पास एक दिअरी पड़ी थी ,उसने उसे उठाया और पढना शुरू करा ,उसने शेर लिखे थे और वो वही शेर थे जो  अमित  उसे सुनाया करता था,उसके पैरो तले ज़मीन खिसक गई और वो रोते हुए कमरे से बहार चली गयी .

निधि और संजय उसके पीछे गए .

कविता ने संजय से पुछा "तुम्हारे भाई को कंप्यूटर चलते आता हैं "

संजय  "हा काफी अच्छे से वो कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहा हैं ,मेरे सारे कंप्यूटर के काम वही करता हैं ,जैसे अपने ट्रिप के फोटो कैमरे से कंप्यूटर में उसने ही डाले थे "

अब कविता को विश्वास हो गया के उसका अमित शिशिर ही हैं .

उसने संजय और निधि को पूरी बात बताई .

 

उसके बाद वो शिशिर से अकेले मिलने वार्ड में गई .

वहा पर उसकी सफ़ेद शर्ट थी जिस पर खून के दाग लगे थे ,उसे देखकर वो रोने लगी 

             तभी शिशिर ने कहा " तुम हँसते हुए ज्यादा अच्छी लगती हो ",

कविता ने कहा " तुमने झोत क्यों बोला "

 

शिशिर " जब मैंने भय्या की ट्रिप की फोटो में तुम्हारी फोटो देखि तब से मैं तुमसे प्यार करने लगा ,भय्या से तुम्हारे बारे में पुछा तो उन्होंने कहा के बहुत चुप रहती हैं और कम बोलती हैं ,तभी मैंने भय्या से कहा के वो तुम्हे फेसबुक पर अकाउंट बनाने को कहे उससे तुम्हारे अन्दर बदलाव आ जायेगा और आगे तो तुम जानती हो क्या हुआ "

कविता के चेहरे पर मुस्कराहट थी ,उसे अंजाना चेहरा मिल गया था .

 

शिशिर ने कविता को गले लगा लिया और कहा  " अब तुमसे कभी झूठ नहीं बोलूँगा "

 

(एक छोटी सी कोशिश थी मेरी ,ये मेरी तीसरी कहानी हैं "the day dream(जो जारी हैं और जल्द ही उसका अंतिम भाग आएगा ) और दूसरी "मुन्नी " (इसे आप मेरे ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं ) उम्मीद करता हूँ कहानी आप सबको पसंद आएगी ,कही कोई त्रुटी हुई हो तो जरुर बताइयेगा ताकि अगली बार ध्यान रखूँगा )

 

                                                                         (चिराग)

Comments

  1. And they lived happily ever after...!!!!!!!!!!!!!!!!!
    :) :) :)
    Very sweeeeeeet story!!

    ^_^

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  2. चलिए मिल गया वो अंजना चेहरा ..... सुंदर कहानी....

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  3. कहानी का शुभ अंत, दोनों प्रेमी मिल गए और खुश हैं... सुखद है |

    Interesting story.

    Cheers,
    Blasphemous Aesthete

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  4. कहानी का अंत बहुत बढ़िया लगा! दिलचस्प कहानी!

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  5. thanks to everyone for commenting on this story of mine

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  6. अच्छी कहानी...

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  7. the only word i understood was "the day dream" :) but i am sure that whatever u have written is superb :)

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  8. The story made me emotional. I admire your writing skills. Its a pleasure to see a guy defining the emotions of a girl wonderfully.

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  9. @dr divya thanks mam...
    really its nice to see u at my blog

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  10. बहुत सुन्दर कहानी...बधाई.
    ___________________

    'पाखी की दुनिया ' में आपका स्वागत है !!

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  11. कुछ व्यक्तिगत कारणों से पिछले 15 दिनों से ब्लॉग से दूर था
    इसी कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका !

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  12. आपकी उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए शुक्रिया!

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  13. मिल गया अंजना चेहरा ....बहुत बहुत बहुत बधाई......

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  14. anjaam khoobsurat raha ,kahani bahut achchhi lagi .

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