ईमानदारी की जुबानी

पानी की लहरों से 
झरने  की कल - कल से

दे रहा हैं आवाज़ कोई  
बुला रहा हैं शायद कोई  

कुछ सुनी-सुनी सी  
लग रही हैं आवाज़ कोई 

शायद कोई दिला रहा हैं याद ,
चीख कर कह रहा हैं 
मुझे बुला लो
मुझे अपना लो 

शाम सबेरे हर दिन हर पल 
तुम्हारे आने की राह देखता हूँ 
कभी तो आओगे 
मुझे ले जाओगे  


पर तुम हो कौन 
मैंने तुम्हे पहचाना नहीं ,
जाना नहीं ,
कभी दिखाई क्यों नहीं देते हो 

मैं तुम्हारे सामने हूँ ,
अपने अंतर्मन की आँखों से देखो ,
मैं यही हूँ 

मेरा नाम ईमानदारी हैं 
मुझे अपनाने में ही समझदारी हैं 

मैं हूँ वो प्रकाश 
जो दूर करेगा अँधियारा
बनाएगा एक जहाँ प्यारा 

भ्रष्टाचार का दुश्मन हूँ 
बेईमानी एक आँख नहीं सुहाती 
लालच मुझसे भागता हैं दूर ,
विशवास मेरा साथी 

मुझे ढूंढने की जरुरत नहीं 
मैं तुम्हारे भीतर ही हूँ 
एक बार सच्चे मन से देखो 
मैं तुम्हारे पास ही हूँ 
(चिराग )

 below translation for my friends who don't able to read hindi.

Iamandari ki Jubani


paani ki lahro se
jharne ki kal kal se
 
de raha hain aawaz koi
bula raha hain shayad koi

kuch suni suni si 
lag rahi hain aawaz koi


shayad koi dila raha hain yaad
chikh kar kah raha hain
mujhe bula lo 
mujhe apana lo

shaam sabere ,har din har pal
tumhare aane ki raah dekhata hun

kabhi to aaoge
mujhe le jaoge

par tum ho kaun
maine tumahe pehchana nahi
jana nahi
kabhi dikhayi kyo nahi dete ho
 
main tumhare saamane hun
apane atarman ki aankho se dekho
main yahi hun

mera naam imandari hain
mujhe apanane main hi samjhdari hain

main hun vo prakash
jo dur karega andhiyara
banayega ek jahan pyara

brachtachar ka dushman hun
beimaani ek aankh nahi suhati
lalach mujhase bhagta dur
vishwas hain mera saathi

mujhe dhundhane ki jarurat nahi 
main tumhare bhitar hi hun
ek baar sacche man se dekho
main tumhare pass hin hun

(chirag)


Comments

  1. मुझे ढूंढने की जरुरत नहीं
    मैं तुम्हारे भीतर ही हूँ
    एक बार सच्चे मन से देखो
    मैं तुम्हारे पास ही हूँ

    nice poem and grt lines

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  2. @kiran don't worry i vl post it in english also and nxt time se i vl post in both hindi and english

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  3. awww thts really a great piece. It felt like i was sitting beside a waterfall and reading this poem. Its very refresing.very beautuful : )thx for posting it in eng : )

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  4. मुझे ढूंढने की जरुरत नहीं
    मैं तुम्हारे भीतर ही हूँ
    एक बार सच्चे मन से देखो
    मैं तुम्हारे पास ही हूँ
    ...खासकर इन पंक्तियों ने रचना को एक अलग ही ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है शब्द नहीं हैं इनकी तारीफ के लिए मेरे पास...बहुत सुन्दर..

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  5. बहुत ही सुंदर .... एक एक पंक्तियों ने मन को छू लिया ...

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