Monday, 7 February 2011

बदलता समय


पहले और अब के ज़माने मे ,
आ गया हैं अन्तर बहुत ,

पहले थे दिन बड़े ,
अब बड़ी होती हैं राते।

पहले मिलते थे तो कहते थे कैसे हैं आप ,
आजकल पूछते हैं कहाँ हो जनाब।

सुबह ६ बजे होती थी पहले सबसे राम राम ,
अब तो ६ बजे शुरू होता हैं आराम।

सच्चे मन से सुख दुःख में साथ देने वाले इंसान थे पहले ,
अब तो बन गए हैं सब proffesionalism के चेले ।

पहले नही थे जागरूक लोग इतने प्यारे ,
अब तो youngistan के जवान है कई सारे

पहले थी अन्धविश्वास की बीमारी ,
अब विशवास को मानती हैं जनता सारी ।

नही थी लड़कियों को इतनी आज़ादी पहले ,
अब तो लड़कियों ने सँभाल ली हैं देश को चलाने की जिम्मेदारी ।

पहले और अब में कई परिवर्तन आए हैं
कई अच्छे तो कई बुरे आए हैं ।

पहले के अनुभव और आज के जोश के साथ बढ़ना होगा हमें आगे ,
तभी हम बनेंगे इस दुनिया के सरताज प्यारे ।
(चिराग )