Thursday, 24 February 2011

मुन्नी -3

अब तक आपने पढ़ा के मुन्नी और सचिन एक दुसरे से प्यार करने लगे थे ,लेकिन रमेश भी मुन्नी को बहुत चाहता था परन्तु उसने अपने दिल की बात कभी मुन्नी को नहीं बताई...पर जब उसे सचिन और मुन्नी के बारे में पता चला...उसके मन में सचिन के प्रति द्वेष आ गया ...उसने सोचा के कैसे भी करके सचिन को रास्ते से हटाना हैं . रमेश जिस गेरेज पर काम करता था वहा पर अक्सर एक आदमी अपनी गाडी ठीक करवाने आता था ,उसकी गाडी हमेशा रात को आती थी गेरेज बंद होने के बाद और सुबह तक चली जाती थी ...गेरेज के मालिक ने कभी रमेश को उस गाडी को हाथ लगाने नहीं दिया .रमेश ने फिर पता करा तो उसे मालूम हुआ के ये आदमी बहुत बड़ा स्मगलर हैं ..और कई खून भी करवा चूका हैं ....रमेश ने सोचा अगर इस आदमी से मदद मांगी जाए तो सचिन को मारने में कोई दिक्कत नहीं होगी .

      आख़िरकार रमेश ने एक दिन उस आदमी की मदद से सचिन को मार डाला ,सचिन की मौत की खबर सुन कर मुन्नी को सदमा सा लग गया ......और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा ....








उधर रमेश एक दिन गेरेज पर काम कर रहा था तो अचानक वहा पुलिस आ गयी और रमेश  को गिरफ्तार करके ले गयी...रमेश के खिलाफ पुलिस के पास सबूत थे.जब ये बात मुन्नी को पता पड़ी तो उसने सोच लिया के आज के बाद कभी रमेश से बात नहीं करेगी.रमेश के खिलाफ अदालत में कुछ गवाह पलट गए और पाके सबूत नहीं होने के वजह से उसे सिर्फ ५ साल की कैद हुई   .










 पांच साल बाद जब रमेश जेल से बाहर आया तो सबसे पहले चाल गया मुन्नी के बारे में पता लगाने परन्तु......वो उसे वहा नहीं मिली.उसने उसे पूरी मुंबई में तलाशा ....परन्तु मुन्नी का कोई पता नहीं पड़ा .एक दिन जब रमेश एक दारू के ठेके पर गया तो वहा उसे एक आदमी मिला और उसे काम दिलवाने के बहाने ले गया .....अपने साथ .रमेश ने सोचा भी नहीं था और वो उसेउसी आदमी के पास ले गया जिसकी मदद से उसने सचिन को मरवाया था . 

      उस आदमी ने रमेश से कहा के वो उसका धंधा संभाले ...रमेश ने उसकी बात मान ली और कुछ ही सालो में रमेश ने उसके सारे धंधो का मास्टर बन गया अब वो रमेश दादा के नाम से जाना जाने लगा.

                        इस बीच मुन्नी के साथ क्या हुआ ....
                                                           मुन्नी अकेली हो चुकी थी और अकेली लड़की खुली तिजोरी के समान होती हैं ,उसे कई लोग अब गलत नज़रो से देखने लगे थे .....एक दिन एक औरत से कोठे पर ले गयी और मुन्नी से धंधा करवाने लगी. मुन्नी वहा १२ दिन ही रुकी और फिर वहा से भाग गयी.मुन्नी के एक कॉल सेण्टर में जॉब कर ली ....और आगे पढाई जारी रखने  लगी .


रमेश का धंधा बड़े जोरो पर था ....एक दिन उसके पास एक कॉल आया ...सामने से आवाज़ आई  जैक सर तुमसे मिलाना चाहते हैं ,रमेश ने हां कर दी ....रमेश और जैक दोनों एक दिन मिले, जैक भी स्मगलिंग करता हैं और उसका व्यापर और बड़ा हैं ...दोनों साथ मिलकर काम करने लगे .







एक दिन अदालत में एक केस आया एक महिला जो सेक्स रेकेट  चलाती  थी वो पकड़ा गयी थी .....अदालत में जब वो पेश हुई उसके तो होश उड़ गए उसने वकील से पुचा ये जज  कोन हैं ..उसने कहा नेहा मैडम हैं.....हां ये वाही लड़की थी जिससे वो औरत धंधा करवाना चाहती थी ...मुन्नी जज बन गयी थी ....मुन्नी ने उसकी दलील सुनी और दलीलों में मुन्नी को ये पता पड़ा के ये औरत उसके गाव की हैं ...
मुन्नी ने अगले दिन फैसला सुनाने को कहा....

रात को वो औरत ने कहा के वो मुन्नी से मिलाना चाहती हैं .....मुन्नी उस औरत से मिली और क्या बात करी  उससे ....रमेश और जैक का धंदा कैसा चल रहा था ....आगे क्या होगा जानने के लिए पढ़िए अगला और अंतिम भाग .