चाहत


बागो की कच्ची कलियों की महक 

तेरी चूडियो की खनक 

वो धुप में बारिश का आना 

वो चाँद का बदलो में छुप जाना 


पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना 

सपनों में भी तेरा आना 

हर साँस में हैं तेरा नाम 

तुझे चाहना यही हैं मेरा काम 






चाहत को मेरी ना समझाना भूल 

तुझे पाना चाहता हूँ 

तेरा होना चाहता हूँ 

तुझमे ही आज खोना चाहता हूँ 


चाहू तो ज़िन्दगी तेरे नाम कर दूँ 

पर तू ही तो मेरी ज़िन्दगी हैं 

तुझे कैसे बतलाऊ 

दिखलाऊ कैसे मेरे दिल में बसा प्यार 


आईने में ना देख तस्वीर अपनी 

मेरे दिल में देख तकदीर अपनी 

तुझे पाना हैं मुझे 

बस यही शख्सियत हैं मेरी

(चिराग )

Comments

  1. Beautiful as always.
    It is pleasure reading your poems.

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  2. ब्लॉग को पढने और सराह कर उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया.

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  3. @sanjay ji thanks again
    and ha follow the blog
    so that i can get motivation from your comments

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