Thursday, 27 January 2011

चाहत


बागो की कच्ची कलियों की महक 

तेरी चूडियो की खनक 

वो धुप में बारिश का आना 

वो चाँद का बदलो में छुप जाना 


पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना 

सपनों में भी तेरा आना 

हर साँस में हैं तेरा नाम 

तुझे चाहना यही हैं मेरा काम 






चाहत को मेरी ना समझाना भूल 

तुझे पाना चाहता हूँ 

तेरा होना चाहता हूँ 

तुझमे ही आज खोना चाहता हूँ 


चाहू तो ज़िन्दगी तेरे नाम कर दूँ 

पर तू ही तो मेरी ज़िन्दगी हैं 

तुझे कैसे बतलाऊ 

दिखलाऊ कैसे मेरे दिल में बसा प्यार 


आईने में ना देख तस्वीर अपनी 

मेरे दिल में देख तकदीर अपनी 

तुझे पाना हैं मुझे 

बस यही शख्सियत हैं मेरी

(चिराग )